[ करंट ट्रांसफॉर्मर क्या है 2024 ] डायग्राम, उपयोग, Full Form, माप सीमा | CT Transformer in Hindi

करंट ट्रांसफॉर्मर क्या है | इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर किसे कहते है | CT full form in Hindi | करंट ट्रांसफार्मर का क्या काम है | करंट ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग कैसी होती है | करंट ट्रांसफार्मर (CT) में धारा का मापन किसके द्वारा किया जाता है |

करंट ट्रांसफॉर्मर (Current Transformer, CT) एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है जो विद्युत प्रवाह को कम मान में दर्शाने का कार्य करता है ताकि उसका प्रवाह मापन आसानी से किया जा सके और सुरक्षित तरीके से इलेक्ट्रिकल उपकरणों में उपयोग किया जा सके| आइए जानते है इसके बारे में संपूर्ण जानकारी –

करंट-ट्रांसफॉर्मर-क्या-है

करंट ट्रांसफॉर्मर का मुख्य उद्देश्य विद्युत प्रवाह को न्यून गुणन करना है, जिससे इस प्रवाह को अमीटर (Ampere) में मापा जा सके| यह विद्युत प्रणालियों में विद्युत प्रवाह की मॉनिटरिंग, सुरक्षा और निगरानी के उद्देश्य से उपयोग में लिया जाता है| करंट ट्रांसफॉर्मर (CT) के एक साइड पर विद्युत प्रवाह पास होती है, जबकि दूसरी और विद्युत प्रवाह को कम करने वाला रिटियर्न सर्किट या लोड होता है|

इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर किसे कहते है ?

उच्च मान की विद्युत धारा तथा वोल्टेज का मापन यंत्रों में प्रयोग किया जाने वाला ट्रांसफार्मर इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर कहलाता है यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है –

  1. धारा ट्रांसफार्मर (CT)
  2. पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर (PT) 

करंट ट्रांसफॉर्मर क्या है ?

करंट ट्रांसफॉर्मर एक इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफार्मर होता है इसका उपयोग बड़ी धाराओं को मापने के लिए किया जाता है यह एक वोल्टेज स्टेप-अप अथार्थ करंट स्टेप-डाउन प्रकार का छोटा ट्रांसफॉर्मर होता है |

करंट ट्रांसफार्मर का क्या काम है ?

करंट ट्रांसफार्मर का कार्य हाई करंट (बड़ी धाराओं) को मापने के लिए इसका उपयोग किया जाता है यह हाई करंट को एंपियर मीटर की सहायता से आनुपातिक स्केल के द्वारा मापा जाता है |

करंट ट्रांसफॉर्मर में कितनी रेंज की विद्युत धारा को माप सकता है ?

करंट ट्रांसफॉर्मर में प्राइमरी परिपथ की 100 से 200 एंपियर विद्युत धारा को केवल 1-2 एंपियर विद्युत धारा में परिवर्तित किया जाता है और उसे सेकेंडरी से संयोजित 0-5 एंपियर मीटर के द्वारा नाप लिया जाता है एंपियर का स्केल 0-150 एंपियर माप सीमा के लिए अनुपातिक आधार पर अंकित किया जाता है |

करंट ट्रांसफार्मर की वाइंडिंग कैसी होती है ?

करंट ट्रांसफॉर्मर एक वोल्टेज स्टेप-अप अथार्थ धारा स्टेप-डाउन प्रकार का छोटा ट्रांसफार्मर होता है इसकी प्राइमरी वाइंडिंग में केवल 1-2 लपेटे अथवा एक सीधा व मोटा तार होता है जबकि सेकेंडरी वाइंडिंग पतले तार की तथा अनेक लपेटे वाली बनाई जाती है |

करंट ट्रांसफार्मर में प्राथमिक कुंडली में घेरों की संख्या द्वितीयक कुंडली में घेरो की संख्या से कम होती है इसमें धारा का मापन एंपियर मीटर की सहायता से आसानी से कर लिया जाता है |

करंट ट्रांसफॉर्मर की प्राइमरी वाइंडिंग में हाई वोल्टेज प्रवाहित होता है तो सेकेंडरी वाइंडिंग के साथ एमिटर से सयोजित कर परिपथ को हमेशा शॉर्ट सर्किट रखा जाता है |

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किसी धारा ट्रांसफॉरमेशन अनुपात किस निर्भर करता है ?

किसी धारा ट्रांसफॉरमेशन अनुपात निम्न प्रमुख कारको पर निर्भर करता है –

  • द्वितीय भार धारा
  • उतेजक धारा के चुम्बकीयकरन अवयव
  • उतेजक धारा के हास्-अवयव

महत्वपूर्ण तथ्य –

  • करंट ट्रांसफॉर्मर की द्वितीयक वाइंडिंग कैसी होती है – पतला तार व अधिक घेरे
  • CT का पूर्ण नाम क्या है – करंट ट्रांसफॉर्मर
  • करंट ट्रांसफॉर्मर एक है – स्टेप अप ट्रांसफॉर्मर
  • किसी धारा ट्रांसफॉरमेशन अनुपात किस निर्भर नहीं करता है – लाइन वोल्टता
  • किस ट्रांसफार्मर की द्वितीयक वाइंडिंग को हमेशा शॉर्ट सर्किट रखा जाता है – करंट ट्रांसफॉर्मर
  • धारा ट्रांसफार्मर की प्राइमरी में फेरों की संख्या लगभग कितनी होती है – 1 से 5
  • उपकेंद्रों में विद्युत धारा ट्रांसफार्मर का उपयोग किसकी परास बढ़ाने के लिए किया जाता है – एमिटर 

करंट ट्रांसफार्मर (CT) में धारा का मापन किसके द्वारा किया जाता है ?

करंट ट्रांसफार्मर में धारा का मापन एंपीयर मीटर के द्वारा किया जाता है एंपियर मीटर का स्केल 0 से 150 एंपियर माप सीमा के लिए अनुपातिक आधार पर अंकित किया अंकित कर दिया जाता है |

ट्रांसफार्मर में कौन सा करंट पाया जाता है?

ट्रांसफार्मर में हमेशा AC (प्रत्यावर्ती धारा) करंट होती है DC सप्लाई देने पर ट्रांसफार्मर की प्राइमरी वाइंडिंग जल जाएगी|

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